Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ बच्चों के लिए

इस लेख में हम आपको Top 10 Best stories in hindi के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। यह किस्से (stories in hindi) आपने बचपन में अपने दादा-दादी से सुने होगे। ये यादें बहुत जानकारीपूर्ण और शिक्षावर्धक हैं।  stories in hindi for kids का यह किस्से बड़े दिलचस्प हैं। जिसे पढ़कर आपको और युवाओं को काफी कुच शिकने को मिलेगा। यदि आप ऐतिहासिक कहानियों का अध्ययन करते-करते थक चुके हैं। तो यहां हम आपको बच्चों के लिए बेस्ट stories in hindi for kids कहानियाँ दे रहे हैं। तो चलिए देखते है Top 10 Best stories in hindi.

  डरपोक पत्थर / stories in hindi 

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                              stories in hindi: डरपोक पत्थर

 

बहुत समय पहले, एक शिल्पकार एक मूर्ति बनाने के लिए पत्थर खोजने जंगल में गया था। वहाँ उसे एक बहुत अच्छा पत्थर मिला। जिसे देखकर वह बहुत खुश हुआ और कहा यह पत्थर मूर्ति बनाने के लिए बहुत ही सही है।

जब वह आ रहा था, तो उसे एक और पत्थर मिला, वह उस पत्थर को भी अपने साथ ले गया। घर जाकर उसने पत्थर उठाया और अपने औजारों से उस पर काम करने लगा।

जब औजार पत्थर से टकराए तो वह पत्थर कहने लगा कि मुझे छोड़ दो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। अगर तुम मुझे मारोगे तो मैं टूट जाऊंगा। तुम किसी और पत्थर पर मूर्ति बना लो।

पत्थर की बात सुनकर शिल्पी को दया आ गई। वह पत्थर छोड़कर दूसरे पत्थर से मूर्ति बनाने लगा। पत्थर कुछ नहीं बोला। कुछ समय में उस शिल्पकार ने उस पत्थर से भगवान की एक बहुत अच्छी मूर्ति बना ली।

मूर्ति बनने के बाद गांव के लोग उसे लेने पहुंचे। उन्होंने सोचा कि नारियल को फोड़ने के लिए हमें एक और पत्थर की आवश्यकता होगी। वह वहां रखा पहला पत्थर भी अपने साथ ले लिया। मूर्ति को लेकर उसने उसे मंदिर में सजाया और उसी पत्थर को उसके सामने रख दिया।

अब जब भी कोई व्यक्ति मंदिर में दर्शन करने आता तो मूर्ति को फूलों से पूजा करता, दूध से स्नान कराता और उस पत्थर पर नारियल फोड़ता था। जब लोग उस पत्थर पर नारियल फोड़ते तो बहुत परेशान होता।

वह दर्द महसूस करता और रोता लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। उस पत्थर ने मूर्ति के बने पत्थर से बात की और कहा कि तुम बहुत मजे कर रहे हो, लोग तुम्हारी पूजा करते हैं। वह आपको दूध से नहलाते हैं और लड्डू का प्रसाद चढ़ाते हैं।

लेकिन मेरी किस्मत खराब है लोग मुझ पर नारियल फोड़ते हैं। इस पर मूर्ति के बने पत्थर ने कहा कि जब शिल्पकार तुम पर काम कर रहा था, अगर उस समय तुमने उसे नहीं रोका होता, तो आज तुम मेरी जगह होते।

लेकिन तुमने आसान रास्ता चुना इसलिए अभी तुम दुःख उठा रहे हो। उस पत्थर को मूर्ति बने पत्थर की बात समझ आ गयी थी। उसने कहा की अब से मै भी कोई शिकायत नहीं करूँगा। इसके बाद लोग आकर उस पर नारियल फोड़ते।

नारियल टूटने से उस पर भी नारियल का पानी गिरता और अब लोग मूर्ति को प्रसाद का भोग लगाकर उस पत्थर पर रखने लगे।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में डरपोक पत्थर यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the Story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

हमें कभी भी कठिन परिस्थितियों से नहीं डरना चाहिए। बल्की उस परिस्थिति का सामना करना चाहिए

खजाने की खोज / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                              stories in hindi: खजाने की खोज

 

एक गाँव में श्यामलाल नाम का एक किसान अपनी पत्नी और चार लड़कों के साथ रहता था। श्यामलाल खेतों में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन उसके चारों लड़के आलसी थे।

जो गांव में इधर-उधर घूमते रहते थे। एक दिन श्यामलाल ने अपनी पत्नी से कहा कि अभी मैं खेतों में काम कर रहा हूं। लेकिन मेरे बाद इन लड़कों का क्या होगा? उन्होंने कभी मेहनत भी नहीं की। वे कभी खेत पर भी नहीं गए।

श्यामलाल की पत्नी ने कहा कि धीरे-धीरे ये भी काम करने लगेंगी। समय बीतता गया और श्यामलाल के लड़कों ने कोई काम नहीं किया। एक बार श्यामलाल बहुत बीमार पड़ गए। वह कई दिनों तक बीमार रहे।

उसने अपनी पत्नी को कहा की वह चारों लड़को को बुला कर लाये। उसकी पत्नी चारों लड़को को बुलाकर लायी। श्यामलाल ने कहा लगता है की अब मै ज्यादा दिनों तक जिन्दा नहीं रहूँगा। श्यामलाल को चिंता थी की उसके जाने के बाद उसके बेटों का क्या होगा।

इसलिए उसने कहा बेटों मैने अपने जीवन में जो भी कुछ कमाया है वह खजाना अपने खेतों के निचे दबा रखा है। मेरे बाद तुम उसमे से खजाना निकालकर आपस में बाँट लेना। यह बात सुनकर चारों लड़के खुश हो गए।

कुछ समय बाद श्यामलाल की मृत्यु हो गई। श्यामलाल की मृत्यु के कुछ दिनों बाद उनके पुत्र खेत में दबे खजाने को निकालने गए। उन्होंने सुबह से शाम तक पूरा खेत खोद दिया। लेकिन उन्होंने कोई खजाना नहीं देखा।

लड़के घर आए और अपनी मां से कहा कि मां पापा ने हमसे झूठ बोला है। उस खेत में हमें कोई खजाना नहीं मिला। उसकी माँ ने बताया की तुम्हारे पिताजी ने जीवन में यही घर और खेत ही कमाया है। लेकिन अब तुमने खेत खोद ही दिया है तो उसमे बीज बो दो।

इसके बाद लड़को ने बीज बोये और माँ के कहेनुसार उसमे पानी देते गए। कुछ समय बाद फसल पक कर तैयार हो गयी। जिसे बेचकर लड़कों ने अच्छा मुनाफा कमाया। जिससे वह अपनी मां के पास पहुंचे। माँ ने कहा कि तुम्हारी मेहनत ही असली खजाना है, यही तुम्हारे पिता तुम्हें समझाना चाहते थे।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में खजाने की खोज यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the Story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

आलस्य को त्याग कर हमें कठिन परिश्रम करना चाहिए। मेहनत ही इंसान की असली दौलत है।

सच्चे दोस्त / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                     stories in hindi: सच्चे दोस्त

 

एक बार की बात है गंगा नाम की एक लड़की अपने पिता के साथ रहती थी। उसकी माँ बचपन में ही गुजर गयी थी। वह अपने घर का काम करती फिर कॉलेज जाती थी। कॉलेज जाते समय वह रोज़ रास्ते में एक जगह पक्षियों को दाना डालती थी।

उसके घर में भी 2 पक्षी थे उनको भी वह रोज़ दाना डालती थी। एक दिन उसको पक्षियों को दाना डालते जमींदार के बेटे ने देख लिया। उसने अपने पिता से जाकर गंगा से शादी करने की इच्छा जताई।

जमींदार ने गंगा के पिता से बात करके अपने बेटे की शादी गंगा से करा दी। गंगा अपने साथ घर के पिंजरे के 2 पक्षी भी लेकर ससुराल आ गयी। वह उन पक्षियों को रोज़ दाना डालती थी। गंगा की सास को यह बिलकुल भी पसंद नहीं था।

वह उन पक्षियों को परेशान करती थी। वह उनका दाना पानी जमीन में फेंक देती थी। एक दिन गंगा की सास ने पक्षियों का पिंजरा ही जमीन पर फेंक दिया। उसे यह करते हुए गंगा ने देख लिया।

गंगा ने मना किया तो उसकी सास ने गंगा को ही डॉट दिया। इन सब बातों से गंगा परेशान रहने लगी। एक दिन गंगा के पति ने परेशानी का कारण पूछा तो उसने सारी बात बता दी। उसके पति ने गंगा को पक्षियों की भलाई के लिए उनको पार्क में छोड़ने की सलाह दी। अपने पति के कहने पर गंगा ने उन दोनों पक्षियों को बाकि के पक्षियों के साथ पार्क में ही छोड़ दिया।

वह उनको कभी कभी दाना देने पार्क में जाती थी। अब सभी पार्क के पक्षी गंगा के अच्छे मित्र बन गए थे। पक्षी अब गंगा के घर पर भी आने लगे। गंगा की सास को जब यह पता लगा तो वह गुस्सा हुई। वह गंगा को उसके मायके छोड़ने के लिए उसको साथ लेकर गयी।

रास्ते में कुछ चोरों ने गंगा की सास के गहने चुराने की कोशिश की। तभी गंगा के पक्षियों ने आकर चोरों पर हमला किया। जिससे चोर भाग गए। इसके बाद गंगा और उसकी सास घर ही लौट आये।

अब गंगा की सास की सोच पक्षियों के प्रति बदल चुकी थी। उसने गंगा से कहा की अब हम दोनों चिड़ियाँ को दाना देने चला करेंगे और पहले के दो पक्षियों को घर वापिस लेकर आएंगे। यह बात सुनकर गंगा बहुत खुश हुई।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में सच्चे दोस्त यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें जानवरों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

चतुर सियार / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                            stories in hindi: चतुर सियार

 

एक बार की बात है एक गांव में एक बैल रहता था। जिसे घूमने का शौक था। वह घूमता घूमता जंगल में जा पहुंचा और आते समय गांव का रास्ता भूल गया। वह चलता हुआ एक तालाब के पास पहुंचा।

जहाँ पर उसने पानी पिया और वहाँ की हरी हरी घास खायी। जिसको खाकर वह बहुत खुश हुआ और ऊपर मुँह करके चिल्लाने लगा। उसी समय जंगल का राजा शेर तालाब की ओर पानी पिने जा रहा था।

जब शेर ने बैल की भयानक आवाज सुनी तो उसे लगा कि जंगल में कोई खतरनाक जानवर आया होगा। तो शेर बिना पानी पिए अपनी गुफा की ओर भागने लगा। इस तरह शेर के डर से 2 गीदड़ों ने उसे भागते हुए देखा।

वह शेर के मंत्री बनना चाहते थे। उनने सोचा यही सही समय है शेर का भरोसा जितने का। दोनों सियार शेर की गुफा में गए और बोले हमने आपको डर कर गुफा की ओर आते हुए देखा था। आप जिस आवाज़ से डर रहे थे वह एक बैल की थी।

यदि आप चाहे तो हम उसको लेकर आपके पास आ सकते है। फिर शेर ने कहा की उस बैल को मेरे पास लेके आओ  शेर की आज्ञा से दोनों बैल को अपने साथ लेकर आ गए और बैल को शेर से मिलाया। कुछ समय बाद शेर और बैल बहुत ही अच्छे मित्र बन गए।

शेर ने बैल को अपना सलाहकार रख लिया। यह बात जानकर दोनों सियार उनकी दोस्ती से जलने लगे क्योकि उनने जो मंत्री बनने का सोचा था वह भी नहीं हुआ। दोनों सियार ने तरकीब निकाली और शेर के पास गए।

वह शेर से बोले बैल आपसे केवल मित्रता का दिखावा करता है। लेकिन हमने उसके मुँह से सुना है वह आपको अपने दोनों बड़े सींगो से मारकर जंगल का राजा बनना चाहता है। पहले तो शेर ने विश्वास नहीं किया लेकिन उसको ऐसा लगने लगा।

दोनों सियार इसके बाद बैल के पास गए। वह बैल से बोले शेर तुमसे केवल मित्रता का दिखावा करता है। मौका मिलने पर वह तुमको मार कर खा जायेगा। बैल को यह जानकर बहुत गुस्सा आया और वह शेर से मिलने के लिए जाने लगा।

सियार पहले ही शेर के पास जाकर बोले की बैल आपको मारने के लिए आ रहा है। बैल को गुस्से में आता देख शेर ने सियार की बात सच समझी और बैल पर हमला कर दिया। बैल ने भी शेर पर हमला किया और दोनों आपस में लड़ने लगे। अंत में शेर ने बैल को मार दिया और दोनों सियारों को अपना मंत्री बना लिया।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में चतुर सियार यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the stories / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

 इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें कभी भी दूसरों के कहने पर अपनी मित्रता पर शक नहीं करना चाहिए। अच्छे मित्र बड़ी मुश्किल से मिलते है।

होशियार कौआ / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                      stories in hindi: होशियार कौआ

 

एक बार की बात है एक राजा के महल के बगीचे में एक कौआ अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह बगीचे के सबसे बड़े पेड़ पर रहता था। उसी पेड़ के नीचे एक अजगर का बिल था।

कौवा जानता था कि अजगर वही रहता है, फिर भी वह बहुत दिनों तक उस पेड़ पर रहा। दोनों कौवे सुबह भोजन की तलाश में निकलते थे और शाम को भोजन लेकर लौटते थे।

ऐसे ही समय बीत रहा था। एक दिन मादा कौवे ने दो अंडे दिए। दोनों बहुत खुश थे। अगले दिन दोनों कौवे अंडे को घोंसले में छोड़कर सुबह भोजन की तलाश में चले गए।

शाम को वह खाना लेकर लौटा। उन्होंने आकर देखा कि अंडे नहीं थे। इससे दोनों कौवे बहुत दुखी हुए। कुछ दिनों के बाद मादा कौवे ने फिर से अंडे दिए। अगले दिन रोज की तरह वह खाने की तलाश में निकल पड़ा। उनके जाने के बाद अजगर आया और पहले की तरह कौवे के अंडे खा गया।

शाम को जब कौवे खाना लेकर लौटे। पेड़ पर लौटने के बाद उसने देखा कि वहां से अंडे गायब थे। यह देख दोनों बहुत दुखी हुए और रोने लगे। लेकिन अब उन्हें समझ में आ गया था कि ये पेड़ के नीचे रहने वाले अजगर का काम जरूर है. कौआ बहुत होशियार था, उसने अजगर से छुटकारा पाने की सोची।

एक दिन जब रानी तालाब में स्नान कर रही थी। फिर रानी का एक हार चुरा लिया। सैनिकों ने यह सब देखा। उसने कौवे का पीछा किया। कौवे ने हार को लिया और अजगर के बिल में डाल दिया।

जब सैनिक हार निकालने लगे तो उनको अज़गर दिखाई दिया। सेनिको ने अजगर को मार दिया और हार ले लिया। इस तरह कौए ने अजगर से छुटकारा पा लिया और दोनों खुशी से रहने लगे।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में होशियार कौआ यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हम अपनी बुद्धिमानी से बड़ी से बड़ी मुसीबत से भी छुटकारा पा सकते है।

चालाक बकरी / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                          stories in hindi: चालाक बकरी

 

एक बार राजापुर गांव में एक किसान के पास एक बकरी थी। बकरी के तीन बच्चे थे। वह अपने बच्चों का बहुत ख्याल रखती थी क्योंकि पास में घना जंगल था।

जिसमें कई जानवर थे। वह हमेशा अपने बच्चों के पास रहती थी। एक दिन एक बकरी के बच्चे ने एक किसान और एक चारा लाने को आपस में बात करते हुए सुना। चारा लाने वाले ने किसान से कहा कि जंगल में हर तरफ हरी घास है।

बकरी के बच्चे को इतनी सारी हरी घास देखनी थी। वह चुपचाप जंगल की और चल पड़ा। जब वह जंगल में पहुंचा तो उसको 4 जंगली कुत्ते मिल गए। वह उसको खाना चाहते हे। और आपस में बात करने लगे की आज तो बहुत अच्छा शिकार हाथ आया है।

जब बकरी ने देखा कि उसका एक बच्चा नहीं है, तो वह भी उसे खोजते हुए जंगल की ओर आई और अपने बच्चे को जंगली कुत्तों से घिरा पाया। बकरी को देखकर जंगली कुत्ते और भी खुश हो गए और कहा कि आज पार्टी होगी।

बकरी चालाक थी उसने घबराए बिना जंगली कुत्तों को बोला की मै और मेरा बच्चा शेरराज की अमानत है। उनने हमें पकड़ा है। यदि तुम हम दोनों को खाओगे तो शेरराज बहुत गुस्सा करेंगे। जंगली कुत्ते ने बोला हम कैसे माने की तुम सच बोल हो।

बकरी ने बोला शेरराज ने हमारी निगरानी के लिए हाथी को यहाँ छोड़ कर गए है। हाथी वही था उसको देखकर जंगली कुत्ते मान गए की बकरी सच बोल रही है। अगर उनने बकरी को खाया तो हाथी शेरराज को बता देगा। इसलिए वह सब वहाँ से चले गए।

बकरी और उसका बच्चा जंगली कुत्तों के जाने के बाद वहाँ से चले गए। आगे जाने पर उनको शेर मिल गया। शेर ने कहा बहुत दिनों के बाद आज बकरी खाने को मिलेगी। शेर को देखकर बकरी बहुत डर गयी लेकिन हिम्मत करके बोली।

शेरराज हम दोनों को यहाँ शेरनी ने यहाँ पर पकड़ कर रख रखा है नहीं तो हम यहाँ पर क्यों होते। उसने हमको आपके लिए पकड़ा है। शेर ने बोला तुम झूठ बोल रही हो। बकरी बोली शेरनी ने हमारी निगरानी के लिए कौआ को यहाँ पर रख रखा है।

शेर ने देखा कौआ वही पर था और शेर के दहाड़ने के बावजूद भी उड़ नहीं रहा था। शेर ने बकरी की बात पर विश्वास करके उन दोनों को छोड़ दिया की शेरनी ने पकड़ा तो इनको मेरे लिए ही है। जब शेर चला गया तो बकरी और उसका बच्चा वहाँ से भाग गए।

आगे पहुंचने पर उनको शेरनी मिल गयी। शेरनी ने बोला आज शेरराज बहुत खुश हो जायेंगे। जब में बकरी का शिकार करके ले जाउंगी। बकरी शेरनी से बोली आप मेरा शिकार करने की सोच रही है शेर ने आज आपको खुश करने के लिए पहले ही हमें पकड़ रखा है। इसलिए हम यहाँ खड़े है।

शेरनी ने कहा तुम झूठ बोल रही हो। बकरी बोली उन्होंने हमारी निगरानी करने के लिए खरगोश को यहाँ पर छोड़ रखा है। ख़रगोश वहीं पास खड़ा था। शेरनी बोली शायद यह सच बोल रही है और चली गयी।

इसके बाद बकरी और उसका बच्चा जंगल से बाहर निकलकर किसान के घर पहुंच गए। बकरी के बाकि बच्चे अपनी माँ और अपने दूसरे भाई को देखकर खुश हुए। बकरी ने अपने बच्चों को कहा बच्चों हमें कभी भी मुसीबत में घबराना नहीं चाहिए और बुद्धिमानी से निर्णय लेना चाहिए।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में चालाक बकरी यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

हमें कभी भी मुसीबत में घबराना नहीं चाहिए और बुद्धिमानी से निर्णय लेना चाहिए।

आलसी गधा / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                               stories in hindi: आलसी गधा

 

एक बार की बात है घनश्याम नाम का एक व्यापारी था, उसके पास एक गधा था। घनश्याम अपना माल अपने गधे पर लादकर बाजार में बेच देता था। वह बाजार की जरूरत के हिसाब से दाल, सब्जी, कपड़े और मिठाई आदि बेचता था। घनश्याम अपने गधे की बहुत देखभाल करते थे। वह उसे बहुत अच्छा खाना देता था और आराम करने के लिए एक अच्छी जगह देता था क्योंकि वह जानता था कि गधे की वजह से ही वह अपना माल बाजार में बेच सकता है।

लेकिन गधे को काम करना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, वह आलसी था। वह जहां तक ​​हो सके काम से परहेज करता था। वह सिर्फ खाना और आराम करना चाहता था। एक दिन जब घनश्याम ने बाजार जाने के लिए अपने गधे पर दाल और चावल की बोरी लाद दी थी, तो गधा आगे बढ़ने को तैयार नहीं था, इसलिए घनश्याम ने उसे डंडे से मारा, जिससे गधे को चलना पड़ा।

बाजार पहुंचने के बाद घनश्याम को पता चला कि अब बाजार में नमक की बहुत जरूरत है, इसलिए उसने नमक बेचने की सोची। अगली बार जब वह चार बोरी नमक लेकर बाजार पहुंचा और उसे बेच दिया, तो उसे इसकी अच्छी कीमत मिली, उसने अगली बार और बोरे लेकर बाजार में बेचने की योजना बनाई। घनश्याम ने अगले दिन सुबह बाजार ले जाने के लिए अपने गधे पर छह बोरे लाद दिए, लेकिन इतने बोरे के वजन के कारण गधा खड़ा नहीं हो पा रहा था।

यह देखकर घनश्याम ने 1 बोरी को निकाल दिया जिससे गधा अब ठीक था। घनश्याम पांच बोरियों के साथ ही बाजार की और निकल पड़ा। उनको बाजार में जाने के लिए एक नदी से होकर गुजरना पड़ता था। उस दिन नदी में पहले की तुलना में ज़्यादा पानी था। घनश्याम अपने गधे को आराम आराम से लेकर नदी पार करने लगा लेकिन बीच नदी में जाकर गधे का पैर एक पत्थर से टकरा कर फिसल गया।

जिससे गधा वहाँ गिर गया। यह देखकर घनश्याम ने गधे को खींचकर बाहर निकाला और देखा गधे को कोई चोट तो नहीं लगी। नदी से बाहर निकलने पर गधे ने महसूस किया की उसकी पीठ का वज़न बहुत कम हो गया है जिससे वह बहुत खुश हुआ और उसने सोचा यह कोई चमत्कारी नदी है जिसमे पीठ से वजन कम करने की ताकत है।

घनश्याम ने देखा कि सारा नमक नदी में बह गया है, जिससे वह गधे को लेकर अपने घर की ओर लौट आया। गधे की पीठ का वजन भी कम हो गया था और उसे बाजार भी नहीं जाना पड़ता था, जिससे गधा बहुत खुश हुआ और घर जाकर उसने खाना खाया और पूरे दिन आराम किया। अगले दिन घनश्याम गधे की पीठ पर बोरियाँ लाद कर चलने लगा।

गधे ने सोचा कल को पूरा दिन काम नहीं करना पड़ा लेकिन आज फिर काम करना पड़ रहा है। उसने सोचा लेकिन चमत्कारी नदी तो है न जिससे वजन कम होता है। जैसे ही घनश्याम और उसका गधा नदी पार करने लगे तब गधा फिर बीच नदी में जाकर बैठ गया। राम इससे बड़ा हैरान हुआ और अपने गधे को खींचकर बाहर निकाला।

अब फिर सारा नमक पानी में बह चूका था। घनश्याम को पता चल चूका था गधा अब यह जान बूझकर कर रहा है। वह इसके बाद घर को लौट गए गधा फिर बहुत खुश हुआ क्योंकि उसको उस दिन भी कोई काम नहीं करना पड़ा। अगले दिन घनश्याम ने एक तरकीब सोची और वह गधे पर बोरियाँ लादने लगा। गधे को थोड़ा भारी तो महसूस हुआ लेकिन उसने सोचा चमत्कारी नदी तो है न जिससे वह सीधा चल पड़ा।

जब घनश्याम और उसका गधा दोनों नदी पार करने लगे गधा फिर अपनी पीठ का भार कम करने के लिए बीच नदी में जाकर बैठ गया। थोड़ी देर के बाद वह जैसे ही खड़ा हुआ तो उसकी पीठ बहुत दर्द करने लगी क्योंकि पीठ का भार बहुत बढ़ चूका था क्योंकि घनश्याम ने अबकी बार नमक की जगह कपास बोरी में डाला था।

जब गधा पानी में बैठ गया, तो कपास ने सारा पानी सोख लिया और भारी हो गया। इससे गधा बहुत परेशान हो गया और गधे को इतना बढ़ा भार लेकर बाजार जाना पड़ा। अब गधे ने सबक सीख लिया था। इसके बाद गधे ने कभी नदी में बैठने की कोई हरकत नहीं की।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में आलसी गधा यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

यह कहानी हमें सिखाती है कि हमें कभी भी आलसी नहीं होना चाहिए क्योंकि आलसी होने का परिणाम हमेशा बुरा ही होता है।

जादुई गुफ़ा / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                         stories in hindi: जादुई गुफ़ा

 

बहुत समय पहले की बात है कि दो दोस्त श्याम और राम रामपुर शहर में रहते थे। श्याम बहुत गरीब था और किसी के घर पर बकरियां चराकर गुजारा करता था। वह स्वभाव से बहुत ही ईमानदार और अच्छा इंसान था।

जबकि राम धनी थे और स्वभाव से लालची व्यक्ति थे। बहुत सारे व्यवसाय और धन होने के बावजूद, उसे और धन की आवश्यकता थी। एक दिन की बात है कि श्याम बकरियों को लेकर जंगल में चराने ले गया, वहाँ वह कुछ विश्राम करने बैठ गया, फिर जब वह उठा और देखा कि एक बकरी कम है।

वह बहुत घबरा गया की अब मालिक को पता चलेगा तो वह बहुत गुस्सा होंगे। उसने सोचा पहले वह सभी बकरियों को घर छोड़ कर आएगा उसके बाद दोबारा वहाँ आकर उस बकरी को ढूंढेगा। उसने ऐसा ही किया वह बाकि सभी बकरियों को छोड़ कर उस बकरी को ढूंढ़ने आ गया। वह बकरी को ढूंढते हुए आगे निकल गया वहाँ पर उसको एक बूढ़ा बाबा बैठा हुआ नज़र आया।

श्याम ने बाबा से पूछा की आपने मेरी बकरी को देखा है। बाबा ने बोला उसको बहुत भूख लगी है उसको कुछ खाने को दे दे उसने 2 दिन से कुछ नहीं खाया। श्याम के पास केवल थोड़ा ही खाना था जो उसने अपने लिए ले रखा था यदि वह यह खाना बाबा को देता तो उसे भूखा ही रहना पड़ता लेकिन उसने वह खाना बूढ़े बाबा को दे दिया।

खाना खाकर बाबा ने कहा तुम्हारी बकरी आगे घाटी की तरफ गयी है। श्याम आगे घाटी की तरफ चला गया। जाते जाते रात हो गयी। श्याम को एक गुफ़ा नज़र आयी वह उस गुफ़ा में चला गया उसने सोचा आज रात इसी में गुजारनी पड़ेगी। वह सोने लगा लेकिन भूख के कारण उसको नींद भी नहीं आ रही थी। उसने बोला काश मेरे पास खाना होता।

इतना कहकर उसके सामने कई राजसी व्यंजनों की दावत आ गई। वह बहुत हैरान हुआ और उसने वह खाना खा लिया। जब वह खाना खाकर सोने लगा तो उसे ठंड लगने लगी, उसने कहा कि काश मेरे पास चादर होती। तभी चादर उसके सामने आ गई। अब वह समझ गया था कि यह गुफा जादुई है। इसके बाद वह सो गया।

सुबह उठने के बाद उसने बोला काश मेरी बकरी मुझे मिल जाये। इतना कहते ही बाहर से बकरी उसको आती हुई दिखाई दी। वह बहुत खुश हो गया और बकरी को लेकर चला गया जाते जाते उसने वह चादर बूढ़े बाबा को दे दी जिसने उस घाटी का रास्ता श्याम को बताया था।

उसने यह बात अपने दोस्त राम को बताई। सारी बात जानकर उसने सोचा श्याम  कितना मूर्ख है जो ऐसी जादुई गुफा से केवल बकरी मांग कर आ गया। उसने उस गुफ़ा में जाने को सोचा। उसने श्याम से सारा रास्ता जानकर गुफ़ा के लिए चल पड़ा।

गुफा की तरफ जाते समय उसको वही बूढ़ा बाबा नज़र आया। राम ने बाबा से गुफा का रास्ता पूछा। बाबा ने उससे खाने को माँगा तो मुनीब बोला यदि खाना में तुमको दे दूंगा तो मै क्या खाऊंगा। उसके पूछने पर बाबा ने मुनीब को गुफ़ा का रास्ता बता दिया।

जब उसने घाटी में पहुँच कर गुफा को देखा तो वह बहुत खुश हुआ। वह जल्दी से उस गुफा के अंदर गया और गुफा से कहा, मुझे इतना खजाना दे दो कि मैं जीवन भर भी नहीं गिन सकता। पहले तो कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ समय बाद खजाना उसके सामने आने लगा और वह बहुत खुश हुआ।

धीरे-धीरे वह खजाना बढ़ता ही जा रहा था। राम खजाना गिनने लगा। वह खजाना गिनने में इतना मग्न हो गया कि उसे पता ही नहीं चला कि बढ़ते खजाने के कारण गुफा का दरवाजा बंद हो रहा है। कुछ ही देर में गुफा का दरवाजा पूरी तरह से बंद हो गया। उसके बाद भी खजाना बढ़ता ही गया। कुछ ही देर में उस खजाने में दबकर राम की मृत्यु हो गई।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में जादुई गुफ़ा यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

यह कहानी हमें सिखाती है कि हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए। लालच एक बुरी बला है। जिस तरह राम ने ख़जाने का लालच किया और अपनी जान से हाथ धो बैठा।

शेर और बन्दर की दुश्मनी / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                           stories in hindi: शेर और बन्दर की दुश्मनी

 

एक बार की बात है, एक पहाड़ी पर कुछ बंदरों का कब्जा था। वहाँ वानर खुशी-खुशी रह रहे थे। कुछ दिनों बाद एक शेर अपने सचिव सियार के साथ उस पहाड़ी पर बनी गुफा में रहने आया।

जब बंदरों को पता चला तो वे शेर के पास गए और कहा कि इस पहाड़ी पर हमारा कब्जा है, तुम कहीं और जाकर रहो। यह सुनकर शेर के सचिव सियार ने कहा कि तुम बंदरों के रहने के लिए एक पेड़ है। और शेर के रहने के लिए एक गुफा है।

तुम जाओ और पेड़ में रहो। शेर ने बंदरों को आश्वासन दिया कि जब तक आप मुझे परेशान नहीं करेंगे, मैं आपको कुछ नहीं कहूंगा। इसके बाद बंदर गुफा से निकल गए। लेकिन शेर का वहाँ आना और रहना उन्हें पसंद नहीं था।

इसलिए वह शेर को भगाने के लिए बहुत तरकीब लगाने लगे। लेकिन उनकी कोई भी तरकीब क़ामयाब नहीं हो रही थी। एक दिन शेर ने सियार से कहा की खाना खाने के बाद मुझको पानी पिने के लिए इतना दूर जाना पसंद नहीं है इसलिए वह बर्तन में पानी लाकर रख दे। बंदरो ने शेर की इस बात को सुन लिया।

उनने सोचा अब वह शेर को पानी पिने नहीं देंगे। इसके बाद अगले दिन सियार शेर के लिए एक बर्तन भरकर पानी लेकर आया और उसको गुफ़ा के बाहर रख दिया। सियार के जाने के बाद बंदरो ने एक बांस की सहायता से सारा पानी खींचकर पहाड़ी से नीचे गिरा दिया।

कुछ देर के बाद जब शेर ने खाली बर्तन देखा तो सियार पर गुस्सा हुआ की तुमने मेरे लिए पानी नहीं रखा। सियार ने बोला उसने पानी रखा था लेकिन शायद गर्मी की वजह से सुख गया होगा। कल वह और ज़्यादा पानी लेकर आएगा।

अगले दिन सियार बर्तन भरकर पानी लेकर आया। लेकिन बंदरो ने उसको भी बांस की सहायता से पहाड़ी से नीचे गिरा दिया। जब शेर आया तो वह सियार पर बहुत ज़्यादा गुस्सा हुआ की वह कामचोर है और उसने पानी नहीं रखा।

वह उसको अपने सेक्रेटरी से हटा देगा। सियार ने शेर को बताया की वह पानी लेकर आया था। अगले दिन सियार फिर पानी लेकर आया जिसके बाद सियार और शेर गुफ़ा में छुप कर देखने लगे। कुछ देर में बन्दर आये और बांस लगाकर सारा पानी खाली कर दिया।

अब शेर और सियार समझ गए थे। इसके बाद सियार जब भी पानी लाता तो आधा पानी गुफा में और आधा पानी बाहर बंदरों के लिए छोड़ देता था। कई बार बंदरों को पता चला कि शेर हमें अपना पानी डालते हुए देख रहा है लेकिन कुछ कह नहीं रहा है।

इसके अलावा अब शेर शिकार करके बहुत जल्दी भी आ रहा था। यह इसी तरह 2 – 3 महीने चला। इसके बाद बन्दर थककर शेर के पास गए। वह शेर से बोले हम 2 -3 महीने से आपका पानी गिरा रहे है और आप यह सब देख भी रहे है तो आप कुछ क्यों नहीं कह रहे। इस पर शेर ने बोला क्योंकि इससे तुम मेरा फायदा ही कर रहे हो।

बंदर ने कहा कि कैसे शेर ने बताया कि जो पानी आप पहाड़ी से नीचे गिराते हैं, पहाड़ी के नीचे हरी घास उग आई है, जिससे वहां कई जानवर चरने आते हैं। जब मैं शिकार पर जाता हूं, तो वह नीचे मुंह करके घास खा रहे होते है।

जिससे में आसानी से उनका शिकार कर पाता हूँ और जल्दी लौट आता हूँ। तुमको यह सोचना चाहिए की तुम जिसका नुक्सान कर रहे हो उससे उसका नुक्सान हो रहा है या फायदा।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में शेर और बन्दर की दुश्मनी यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

यह भी पढ़े:-

सोने का अंडा हिंदी कहानी 

Top New Hindi Story 2022 – खुनी झील

 

चालाक मछली / stories in hindi

 

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ | hindi stories
                                                                                                              stories in hindi: चालाक मछली

 

एक बार की बात है एक मछुआरा था। वह रोज़ तालाब में जाकर मछली पकड़ता था। जिसे बेचकर वह अपना गुजारा करता था। कभी उसके जाल में बहुत सारी मछली आती थी और कभी कम।

एक दिन वह तालाब पर मछली पकड़ने गया। जाल बिछाकर वह कुछ देर बैठ गया। कुछ देर बाद जब उसने अपना जाल निकाला तो उसके जाल में बहुत सारी मछलियाँ थीं। वह बहुत खुश था।

उसने वह सारी मछली बाज़ार ले जाकर बेच दी। जिससे उसको अच्छे पैसे मिले। अगले दिन वह उसकी उम्मीद से तालाब गया। उसने अपना जाल तालाब में डाला और कुछ देर इंतज़ार किया। कुछ देर के बाद उसके जाल में कुछ सरसराहट सी होने लगी।

जब उसने अपना जाल खींचा तो उसमें एक छोटी सी मछली थी। जब वह उस मछली को निकालने लगा तो उस मछली ने मछुआरे से कहा, तुम मुझे छोड़ दो नहीं तो मैं पानी के बिना मर जाउंगी।

मछुआरे ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मछली ने मछुआरे से कहा, यदि तुम मुझे छोड़ दोगे, तो मैं कल तुम्हारे लिये मै अपने सभी साथी मछलियों को बुलाकर लाऊंगी। तो आप बहुत सारी मछलियाँ पकड़ सकते हैं।

मछुआरे ने मछली को फायदेमंद पाया। उसने सोचा कि यह अच्छा है अगर मुझे एक छोटी मछली के लिए बहुत सारी मछलियाँ मिलें। यह सोचकर उसने छोटी मछली को छोड़ दिया।

मछुआरे के जाल से छूटकर मछली बहुत खुश हुई और बहुत दूर चली गई। अगले दिन मछुआरा बहुत सारी मछलियाँ खोजने की उम्मीद में आया। लेकिन उस दिन भी उसे कोई मछली नहीं मिली। इस तरह मछली ने बड़ी चतुराई से अपनी जान बचाई।

तो दोस्तों आपको stories in hindi में चालाक मछली यह कहानी कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए।

Moral of the story / stories in hindi

हम इस कहानी से क्या सीखते हैं? / What do we learn from this story?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें मुसीबत में घबराना नहीं चाहिए बल्कि होशियारी से काम करना चाहिए।

तो दोस्तों आपको Top 10 Best stories in hindi की  यह कहानिया कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए। और इसी तरह के और भी कहानियाँ पढ़ने के लिए Tech Publics के साथ जुड़े रहे। अगर आपको कहानी अच्छी लगी हो तो इसे सभी के साथ शेयर करें।

2 thoughts on “Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ बच्चों के लिए”

Leave a Comment