बीरबल की चतुराई के किस्से | अकबर बीरबल की कहानियाँ

इस लेख में हम आपको Best Top 3 birbal stories in hindi के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। यह किस्से आपने बचपन में अपने दादा-दादी से सुने  होगे। ये यादें बहुत जानकारीपूर्ण और शिक्षावर्धक हैं। birbal stories in hindi  के  यह किस्से बड़े दिलचस्प हैं। जिसे पढ़कर आपको और युवाओं को काफी कुच शिकने को मिलेगा।

बीरबल का न्याय / birbal stories

 

Best Top 3 birbal stories in hindi | बीरबल की कहानियाँ
बीरबल का न्याय / birbal stories

 

एक बार की बात है अकबर का दरबार सजा था। अकबर के दरबार में दो व्यापारी हिरानाथ और गंगाराम आये। अकबर ने उनसे उनका परिचय और आने का कारण पूछा।

गंगाराम ने दोनों का परिचय कराया और बताया कि उसने एक महीने पहले हीरानाथ को 100 सोने के सिक्के उधार दिए थे। लेकिन अब वह न सिर्फ उसे वापस करने से मना कर रहा है, बल्कि यह भी झूठ बोल रहा है कि मैंने उसे कभी सोने के सिक्के उधार नहीं दिए।

इसके बाद गंगाराम बोला हजूर इसने कभी मेरे को सोने के सिक्के उधार नहीं दिए यह मेरे व्यापार को नुक्सान पहुंचाने के लिए ऐसा बोल रहा है। अकबर ने दोनों की बात सुनी और बीरबल को बोला की तुम इन दोनों का न्याय करो।

बीरबल ने दोनों से विस्तार से पूछा की हुआ क्या था। दोनों ने अपनी अपनी सफ़ाई में बातें बताई। बीरबल ने बादशाह अकबर को कहा यह तो तय है की इन दोनों में से कोई एक व्यक्ति झूठ बोल रहा है। इसका पता लगाने के लिए मुझे 1 दिन का समय चाहिए।

अकबर ने birbal को मामला सुलझाने के लिए 1 दिन का समय दिया। बीरबल ने घर पर जाकर बहुत सोचा उसके बाद अपने नौकर शामू को बोला तुम बाजार में जाकर हिरानाथ और गंगाराम के बारे में पता करो की दोनों किस प्रकार के व्यक्ति है।

शामू बाज़ार जाकर दोनों के बारे में पता करके आ गया और birbal को बताया की गंगाराम को सभी ने एक अच्छा और ईमानदार व्यक्ति बताया जबकि हिरानाथ को लालची और धोखेबाज़ किस्म का व्यक्ति बताया।

birbal ने इसके बाद रामू को दो घी से भरे हुए मटके दिए और दोनों में एक एक सोने का सिक्का डाल दिया। birbal ने रामू से कहा तुम एक घी के व्यापारी बन कर जाओ और हिरानाथ और गंगाराम को यह घी का मटका बेच दो और अगले दिन तक वहीं मार्किट में रहना और देखना कौन तुमको वह सोने का सिक्का लौटाता है।

रामू ने ऐसा ही किया और दोनों को घी से भरा मटका बेच दिया। जिसके बाद गंगाराम ने तो सोने का सिक्का लौटा दिया लेकिन हिरानाथ ने सोने का सिक्का नहीं लौटाया। उसने यह बात आकर बीरबल को बता दी।

बीरबल ने अगले दिन दरबार में गंगाराम और हिरानाथ दोनों को बुलाया और बताया की हिरानाथ झूठ बोल रहा है और वह दोषी है। अकबर ने इसका कारण पूछा तो बीरबल ने सारी बात अकबर को बता दी।

अकबर ने हिरानाथ को 100 सोने के सिक्के लौटाने को कहा इसके साथ 100 सोने के सिक्के अतिरिक्त उसको गंगाराम को परेशान करने के लिए देने होंगे फैसला सुनाया। अकबर ने birbal की बुद्धिमानी के लिए उनकी तारीफ़ की।

यह भी पढ़े:-

Top 10 Best stories in hindi | हिंदी कहानियाँ बच्चों के लिए

 

फांसी से वापसी / birbal stories

 

Best Top 3 birbal stories in hindi | बीरबल की कहानियाँ
फांसी से वापसी / birbal stories

 

एक बार की बात है अकबर को उनकी रानी ने कहा की आप केवल अपने दरबार में birbal की तारीफ करते है। मानसिंह जो की मेरा भाई है वह भी तो उतना ही बुद्धिमान है लेकिन आप उसकी इतनी तारीफ नहीं करते।

अकबर ने कहा की मानसिंह भी होशियार है पर birbal सभी वजीर में से सबसे ज़्यादा बुद्धिमान है। फिर रानी ने बोला की आप एक बार मानसिंह को मौका देकर तो देखिये। अकबर ने कहा ठीक है मै दोनों की एक परीक्षा लेता हूँ तुम देख लेना इसमें birbal साबित कर देंगे की वही सबसे बुद्धिमान वजीर है।

अगले दिन बादशाह अकबर ने वज़ीर बीरबल और मानसिंह दोनों को बुलाया और कहा कि तुम्हें ईरान जाना है और वहाँ के राजा को हमारा संदेश देना है। वह हमारा सबसे अच्छा दोस्त है इसलिए हम वहां अपने सबसे अच्छे वजीर को भेज रहे हैं।

वे दोनों अकबर का संदेश लेकर ईरान के लिए रवाना हो गए। ईरान पहुँचकर उसने वहाँ के राजा को अकबर का सन्देश दिया। वह संदेश पढ़कर हैरान रह गया क्योंकि उसने दोनों वज़ीरों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।

राजा ने अपने वजीर से इस बारे में चर्चा की, वजीर ने कहा कि शायद वे दोनों वहां बहुत प्रसिद्ध हैं, इसलिए अकबर ने उन्हें वहां फांसी पे नहीं लटकाया। राजा ने भी सोचा कि शायद ऐसा ही हो, इसलिए अकबर ने हमें यह सन्देश भेजा है।

ईरान के राजा ने birbal और मानसिंह को बंदी बना लिया और कल सुबह उन्हें फांसी पर चढ़ाने के लिए कहा। यह सुनकर मानसिंह बहुत दुखी हुए और फांसी न देने की गुहार लगाने लगे, लेकिन सिपाहियों ने दोनों को बंदी बना लिया और जेल ले गए।

जेल जाने के बाद भी मानसिंह को बहुत दुख हुआ, उसने बीरबल से कहा, हमें कल सुबह फांसी दी जाएगी और आप शांत बैठे हैं और आपने ईरान के राजा से अदालत में भी शिकायत नहीं की। बीरबल ने कहा, तुम शांत हो जाओ, कल हमें फांसी नहीं होगी, मैं आपको एक उपाय बताता हूं।

अगली सुबह सिपाही उन दोनों को फाँसी के लिए ले गए। फांसी की जगह पर जाने के बाद दोनों आपस में लड़ने लगे और कहा कि पहले मैं फाँसी पर जाऊँगा। राजा ने कहा कि तुम दोनों पागल हो, तुम जल्दी मरने के लिए क्यों लड़ रहे हो।

तब बीरबल ने कहा की हमारे धर्म गुरु ने कहा था की आज जो पहले फांसी पर चढ़ेगा वो अगले जन्म में राजा बनेगा और जो उसके बाद फांसी पर चढ़ेगा वह प्रधानमंत्री बनेगा। हमारे धर्म गुरु कभी गलत नहीं होते।

राजा ने अपने वजीर से बात की शायद इनकी बात सच हो और हमारे पास इनको फांसी पर चढाने की कोई खास वजह भी तो नहीं है। इसलिए इन दोनों को अकबर के लिए सन्देश देकर वापस भेज देते है। उनने ऐसा ही किया और दोनों को रिहा कर दिया।

अकबर के पास पहुंच कर मानसिंह ने ऐसा करने की वजह पूछी तो अकबर ने बोला मै तुम दोनों की परीक्षा ले रहा था। लेकिन तुम यह बताओ तुम दोनों वहाँ से रिहा कैसे हो गए। मानसिंह ने कहा बीरबल की बुद्धिमानी की वजह से हमारी जान बच पायी।

अकबर ने बोला मैने एक सैनिक बाद में दूसरे सन्देश के साथ भेजा था यदि वह तुमको फांसी पर लटकाने लगते तो वह सैनिक सन्देश को ईरान के राजा को दे देता। इसके बाद सबने बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ की और रानी ने भी बीरबल की तारीफ की।

बीरबल की खिचड़ी / birbal stories

 

Best Top 3 birbal stories in hindi | बीरबल की कहानियाँ
बीरबल की खिचड़ी / birbal stories

 

एक बार की बात है, अकबर अपने विशेष मंत्रियों और बीरबल के साथ अपने बगीचे में घूम रहा था। तब बहुत ठंड थी। तभी एक मंत्री ने कहा कि इतनी ठंड है कि कोई आदमी इतनी ठंड में काम करना नहीं चाहेगा। सब अपने-अपने घरों में बैठकर आलस्य कर रहे होंगे। तब अकबर ने अपने बगीचे के जलाशय के पानी को छुआ और देखा कि वह बहुत ठंडा है।

अकबर बोले तुम सही कर रहे तो बहुत ठण्ड है इससे पानी भी बर्फ जितना ठंडा है। बीरबल ने अकबर की बात को काटते हुए कहा की जहाँपना ठण्ड तो जरूर है लेकिन अभी भी आपके राज्य में ऐसे गरीब लोग है जो पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार है।

अकबर ने बीरबल को कहा मै कुछ भी कहुँ लेकिन तुमको मेरी बात को काटना जरुरी है। अकबर ने बीरबल को कहा क्या तुम इस बात को साबित कर सकते हो क्या तुम हमारे राज्य में से ऐसा आदमी ढूंढ कर ला सकते हो जो पूरी रात इस पानी में खड़ा रहे तो मै उसको 10 अशर्फिया दूंगा।

बीरबल बोला बिल्कुल मै हमारे राज्य में से ऐसा आदमी जो पैसों के लिए पूरी रात इस ठन्डे पानी के खड़े रहने के लिए तैयार हो। आज शाम तक ढूंढ कर दरबार में पेश कर दूंगा। इसके बाद बीरबल ऐसा आदमी ढूंढने चला गया। शाम को जब दरबार लगा तो अकबर ने बीरबल से पूछा क्या तुमने ऐसा व्यक्ति ढूंढ लिया है तो बीरबल ने कहा हा मैंने ऐसा व्यक्ति ढूंढ लिया है।

अकबर ने आदमी को पेश करने को कहा। व्यक्ति अकबर के दरबार में पेश हो गया। अकबर ने उस व्यक्ति से पूछा की तुमको बीरबल ने सब समझा दिया है ना व्यक्ति ने हा बोला। अकबर ने कहा इस व्यक्ति की अच्छे से खातिरदारी करों क्योंकि यह इसकी आखिरी रात हो सकती है।

इसके बाद व्यक्ति पानी में सारी रात खड़ा होने के लिए चला गया और वह पूरी रात ठन्डे पानी में खड़े रहने में सफल रहा। अगले दिन सुबह जब दरबार लगा तो वह व्यक्ति पेश हुआ। अकबर ने बड़े आश्चर्य से पूछा क्या तुम सारी रात इतने ठन्डे पानी में खड़े रहे तो व्यक्ति ने हा में जवाब दिया सैनिको ने भी बताया की वह व्यक्ति सारी रात ठन्डे पानी में खड़ा रहा।

अकबर ने उस व्यक्ति से पूछा आखिर तुमने ऐसा कैसे किया इस पर व्यक्ति बोला शुरू में इतने ठन्डे पानी में सारी रात खड़ा रहना बहुत मुश्किल जरूर था लेकिन मैने जलाशय के पास लगे एक दिये पर ध्यान लगाया जिससे मै यह कर पाया।

अकबर ने कहा अच्छा तो तुमने दिये को देखकर उससे गर्मी ली जिसकी वजह से तुम सारी रात उस ठन्डे पानी में खड़े रहे यह तो धोखा है इसलिए तुमको इनाम नहीं दिया जायेगा। इसके बाद वह व्यक्ति चला गया। birbal अकबर को किसी जरुरी काम को बता कर अपने घर चला गया। जब शाम के समय दरबार लगा तो बीरबल दरबार से गायब था ।

अकबर ने जब अपने सैनिको को कहा जाकर पता करो बीरबल क्यों नहीं आए। सैनिकों ने आकर अकबर को बताया की बीरबल खाना बना रहे है जब खाना बन जायेगा तो खाकर दरबार में आ जायेंगे।

जब बहुत देर तक बीरबल दरबार में नहीं आये तो अकबर ने कहा मुझे खुद ही जाकर देखना पड़ेगा क्योंकि birbal कभी भी दरबार में इस तरह अनुपस्थित नहीं रहते।

इसके बाद अकबर बीरबल के घर गए और देखा की बीरबल खिचड़ी बना रहे है और खिचड़ी का बर्तन आग से बहुत ऊपर रख रखा है। अकबर ने बीरबल से पूछा यह तुम क्या कर रहे हो। बीरबल ने बताया वह खिचड़ी बना रहे है।

अकबर ने बीरबल को कहा की तुमने खिचड़ी के बर्तन को आग से इतनी दूर रख रखा है तो खिचड़ी कैसे बनेगी। बीरबल ने कहा जिस तरह वह व्यक्ति दिये की गर्मी से सारी रात ठन्डे पानी में खड़ा रह सकता है इसी तरह खिचड़ी भी आग से दुरी से गर्मी लेकर बन सकती है।

अकबर को इस बात पर अपनी ग़लती का अहसास हुआ और उनने birbal को कहा तुम जीत गए मै हार गया। अकबर ने जो व्यक्ति सारी रात ठन्डे पानी में खड़ा रहा था उसको इनाम अनुसार 10 सोने की अशर्फिया दी। अकबर ने बीरबल की तारीफ़ करी और कहा तुमने बहुत ही अच्छे तरीके से मेरी ग़लती का अहसास मुझे करा दिया।

यह भी पढ़े:-

सोने का अंडा हिंदी कहानी 

Top New Hindi Story 2022 – खुनी झील

तो दोस्तों आपको यह कहानिया कैसी लगी, निचे कमेंट करके अपना विचार जरूर हमें बताए। और इसी तरह के और भी कहानियाँ पढ़ने के लिए Tech Publics के साथ जुड़े रहे। अगर आपको कहानी अच्छी लगी हो तो इसे सभी के साथ शेयर करें।

Leave a Comment